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  • September, 08, 2023
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कैरोलिना मारिया मारिन मार्टिन

कैरोलिना मारिया मारिन मार्टिन स्पेन की तरफ से खेलने वाली विश्व की शीर्ष महिला बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक हैं। विश्व में शीर्ष वरीयता वाली मारिन अगस्त २०१६ में रियो ओलम्पिक का महिला एकल श्रेणी स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली गैर एशियाई खिलाड़ी हैं। इसके पहले वह विश्व बैडमिंटन संघ की तरफ से शीर्ष वरीयता से भी नवाज़ी जा चुकी हैं। वो महिला एकल विश्व प्रतियोगिताओं को तीन बार २०१४, २०१५ और २०१८ में जीत चुकी हैं। ऐसा करने वाली वह विश्व की प्रथम महिला बैडमिंटन खिलाड़ी हैं।

बैडमिंटन कैरियर

कैरोलिना ने बैडमिंटन खेलने की शुरुवात हुवेला में IES ला ऑर्डेन बैडमिंटन क्लब की तरफ से खेलने से की। 2009 में स्पेन की तरफ से पहले २००९ यूरोपिय कनिष्ठ बैडमिंटन प्रतियोगिताएँ रजत पदक और २००९ यूरोपिय अंडर१७ बैडमिंटन प्रतियोगिताएँ में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।

कैरोलिना ने २०१३ में इंडियन बैडमिंटन लीग के पहले संस्करण में बैंगलोर की बंगा बीट्स की तरफ से हिस्सा लिया।

२०१३ लंदन ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड प्रतियोगिता जीतकर वह कोई भी ग्रैंड प्रिक्स गोल्ड खिताब जीतने वाली पहली स्पेनी बैडमिंटन खिलाड़ी बनीं।

31 अगस्त 2014 को मारिन ने बीडब्ल्युएफ बैडमिंटन प्रतियोगिता के महिला एकल फाइनल मुकाबले में चीन की शीर्ष खिलाड़ी ली श्यूरुई को हराकर कोई वैश्विक बैडमिंटन खिताब जीतने वाली पहली स्पेनी और १९७७ में लेन कोप्पेन व १९९९ में कैमिला मार्टिन के बाद तीसरी यूरोपीय महिला खिलाड़ी बनीं। सिर्फ २१ वर्ष की आयु में कोई विश्व स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता जीतने वाली वो पहली यूरोपीय महिला भी बन गईं।

८ मार्च २०१५ को फाइनल में साइना नेहवाल को हराके उन्होंने ऑल इंग्लैंड बैडमिंटन प्रतियोगिता जीतकर अपना पहला सुपर सीरीज़ प्रीमियर खिताब जीता। इस खिताब ने उन्हें विश्व में चौथी वरीयता दिला दी।

योनेक्स सनराइज़ इंडिया ओपेन सुपर सीरीज़ में उनके पास ली श्यूरुई को अपद्स्थ करके विश्व नंबर १ बनने का मौका था लेकिन सेमी फाइनल में एक करीबी मुकाबले में थाइलैंड की रत्चानोक इंथेनॉन से हारकर वो ऐसा ना कर सकीं। २ अप्रैल २०१५ को उन्हें अपने कैरियर की सर्वश्रेष्ठ वरीयता २ मिली।

५ अप्रैल २०१५ को कैरोलिना मारिन ने २०१५ मलेशियाई ओपेन में ओलम्पिक स्वर्ण विजेता ली श्यूरुई को हराकर लगातार दूसरा सुपर सीरीज़ प्रीमियर खिताब अपने नाम किया।

१६ अगस्त २०१५ को कैरोलिना मारिन ने भारत की साइना नेहवाल को हराकर कैरियर का दूसरा बीडब्ल्युएफ विश्व खिताब जीता।

१९ अगस्त २०१६ को अपने जीवन के सबसे महत्वपूर्ण खिताबी मुकाबले में भारत की पी०वी० सिंधु को १९-२१, २१-१२, २१-१५ से हराकर मारिन ने रियो ओलम्पिक का स्वर्ण पदक जीता। ऐसा करने वाली वो पहली स्पेनी और गैर एशियाई महिला खिलाड़ी बन गईं। २०१६ से पहले के बैडमिंटन स्पर्घा के सभी ओलम्पिक स्वर्ण पदक एशियाई महिलाओं ने ही जीते थे।

चयनित विरोधियों के विरुद्ध रिकॉर्ड

निम्नलिखित तालिका में शीर्ष स्तरीय खिलाड़ियों के अतिरिक्त अन्य खिलाड़ी सम्मिलित हैं।

PlayersMatchesResultsChange
WonLost
जापान यामागुची आकाने१३७६+१
दक्षिण कोरिया बे यौन-जू११०+१
चीनी ताइपे चंग शाओ-चिए२११०
चीनी जनवादी गणराज्य चॅन युफ़ेई५३२+१
चीनी जनवादी गणराज्य ह बिंग्ज्याओ७६१+५
जर्मनी यूलिआना शैंक२२०+२
इंडोनेशिया लिंडावेनी फ़ानेत्री४२२०
चीनी जनवादी गणराज्य ली श्यूरुई६३३०
जापान मितानी मिनात्सु७७०+७
जापान ओकुहारा नोज़ोमी१६९७+२
बुल्गारिया पेत्या नीडेलचेवा११०+१
फ़्रान्स पी होंग्यैन१०१-१
थाईलैण्ड पॉर्नटिप बुरानाप्रासर्त्सुक३२१+१
भारत पी० वी० सिंधु१४८६+२
थाईलैण्ड रत्चानोक इंथेनौन११४७-३
भारत साइना नेहवाल१३७६+१
दक्षिण कोरिया सुंग जी-ह्यन९८१+७
चीनी ताइपे ताई त्ज़ु-यिंग१५६९-३
डेनमार्क टीना बाउन३१२-१
चीनी जनवादी गणराज्य वांग शिशिऐन९४५-१
चीनी जनवादी गणराज्य वांग शिन२०२-२
चीनी जनवादी गणराज्य वांग यिहान७३४-१
हॉन्ग कॉन्ग यिप पुई यिन५५०+५

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