🎵तेरी गलियों का हूँ आशिक़🎵
🙏 गायक: बाबा श्री रसिक पागल जी
विवरण:
तेरी गलियों का हूं आशिक एक भक्तिमय कृष्ण भजन है, जिसमें एक भक्त की भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अनन्य भक्ति और प्रेम को बहुत ही भावपूर्ण तरीके से व्यक्त किया गया है। बाबा श्री रसिक पागल जी की मधुर आवाज़ इस भजन को और भी खास बनाती है, जो श्रोताओं को भगवान की दिव्यता का अहसास कराती है।
इस भजन को सुनें और भगवान श्रीकृष्ण के प्रति अपनी भक्ति को और गहरा करें।
गीत के बोल:
तेरी नजरो से ये मुझको ये जाम पीना है ।
तेरी गलियों का हु आशिक तू एक नगीना है ।।
तेरे बिना कोई दूसरा नही मेरा,
छोडू नही कसके पकड़ा है दामन तेरा ।
तू ही ज्ञाता तुही ध्याता तुही विधाता है,
तेरी गलियों का हु आशिक तू एक नगीना है ।।
मेरे हमदम मेरे साथी मेरे साथी हमदम,
तेरी ख़ुशी मेरी ख़ुशी तेरा गम मेरा गम ।
तू लहू है तू जान है तुही धडकन मेरी,
तेरी गलियों का हु आशिक तू एक नगीना है ।।
दिया है दर्द जो तुमने तुही दवा देना,
तुम रहना साथ मेरे साया बनकर ।
तुही दरिया तुही साहिल तूही सफीना है,
तेरी गलियों का हु आशिक तू एक नगीना है ।।
कृष्णा हिंदू धर्म में एक प्रमुख देवता है। उन्हें विष्णु के आठवें अवतार के रूप में और अपने आप में सर्वोच्च भगवान के रूप में भी पूजा जाता है।
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