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  • February, 18, 2025
  • by Admin

शिवरात्रि भजन - पर्वत की ऊंची चढ़ाई रे भोले तेरे दर्शन को आई रे - Bhole Tere Darshan Ko Aayi Re

🎵भोले तेरे दर्शन को आई रे🎵

🙏 गायक: शीला कलसन
🎼 संगीत: प्रदीप पांचाल

विवरण:
शिला कालसन द्वारा गाया गया भजन भोले तेरे दर्शन को आई रे भगवान शिव के दर्शन के लिए भक्त की कठिन यात्रा को दर्शाता है। इस भजन में पर्वत की ऊँचाई चढ़ने, डर से लड़ते हुए शिव के दर्शन की प्रतीक्षा और श्रद्धा की गहरी भावना को व्यक्त किया गया है। गगरी छलकती, चन्दन-केसर लाते हुए भक्त भोलेनाथ के दर्शन के लिए शमशान और भूत-प्रेतों की डरावनी राहों को पार करती है। यह भजन भगवान शिव की भक्ति और विश्वास का प्रतीक है।

गीत के बोल:
पर्वत कि ऊँची चढ़ाई रे,
भोले तेरे दर्शन को आई रे.....

मै तो जल भर कलशा लायी रे,
झाडो में उलझती आई रे,
सांप बिच्छु ने एसी डराई रे,
मेरी गगरी छलकती आयी रे,
पर्वत कि ऊँची चढ़ाई रे,
भोले तेरे दर्शन को आई रे.....

मै तो चन्दन केसर लायी रे,
शमशानों को देख घबरायी रे,
भुत प्रेतों ने एसी डराई रे,
मेरी केसर बिखरती आई रे,
पर्वत कि ऊँची चढ़ाई रे,
भोले तेरे दर्शन को आई रे....

मै तो हार गूँथ कर लायी रे,
शिव जी के गले पहनाई रे,
भोले ने पलके उठाई रे,
शिव गौरा से दर्शन पाई रे,
पर्वत कि ऊँची चढ़ाई रे,
भोले तेरे दर्शन को आई रे.....

मै तो भंगिया घोट कर लायी रे,
द्वार नंदी को बैठे पायी रे,
नंदी ने मोहे समझायी रे,
भोले समाधी लगायी रे,
पर्वत कि ऊँची चढ़ाई रे,
भोले तेरे दर्शन को आई रे.....

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